एक सफल व्यक्ति कैसे सोचता है ! कैसे वह अपनी भावनाओ को
दुसरो के सामने व्यक्त करता है ! कैसे वह नाउम्मीदी में उम्मीद की
किरण को देखता है ! और कैसे वह अपनी सोच के दम पर दुनिया को
जीतने की क्षमता रखता है !
दोस्तों आज हम बात करेंगे की एक बड़ा चिन्तक कैसे सोचता है !
और किस शब्दावली को वह दुसरो के सामने व्यक्त करता है ! और
किस तरह से हम भी एक बड़े चिन्तक की शब्दावली को अपने अन्दर
विकसित कर सकते है , और सफल हो सकते है !
यहा चार तरीके दिए जा रहे है , जिनकी मदद से आप बड़े चिन्तक की शब्दावली विकसित कर सकते है -
- सकारात्मक व् आशावादी शब्दों का प्रयोग करे - अपनी भावनाओ को
व्यक्त करने के लिए बड़े , सकारात्मक , आशावादी शब्दों का प्रयोग
करे ! जब कोई आपसे से पूछता है , "आप कैसा महसूस कर रहे है ?"
और आप उसे जवाब देते है , "मै थका हुआ हु , मुझे सिरदर्द है , काश
की आज शनिवार होता , मेरा आज बहुत बुरा हाल है !" इस तरह के
वाक्यों का प्रयोग करके आप अपनी स्थिति को अपने ही हाथों ख़राब
कर रहे है ! जब भी आपसे कोई आपसे पूछे , "आप कैसे है ?" या
"आप आज कैसा महसूस कर रहे है ?" तो जवाब में हमेशा कहे " बहुत
बढ़िया !" धन्यवाद और आप कैसे है ? या कहे "बेहतरीन " या "
शानदार "! हर मोके पर कहे की आप बढ़िया महसूस को कर रहे है ,
और यकीन मानिये आप सचमुच बढ़िया महसूस करने लगेंगे ! एक
ऐसे व्यक्ति बने जो हमेशा बढ़िया महसूस करता है ! इससे आपके
ज्यादा से ज्यादा दोस्त बनेंगे ! और लोगो के सामने आपकी अच्छी
इमेज भी बनेगी !
- दुसरो की प्रशंसा करे - दुसरे लोगो का वर्णन करते समय
चमकीले ,खुशनुमा , सकारात्मक शब्दों और वाक्यों का प्रयोग करे !
यह नियम बना ले की आप अपने सभी दोस्तों और सहयोगियों के
लिए बड़े , सकारात्मक शब्दों का प्रयोग करेंगे ! जब आप किसी के
साथ किसी तीसरे अनुपस्थित व्यक्ति के बारे में बात कर रहे हो , तो
आप उसकी बड़े शब्दों में प्रशंसा करे , "हा वह बढ़िया आदमी है !
लोग कहते है उसका काम बहुत बढ़िया है !" इस बात का बहुत ध्यान
रखे की आप उसकी बुराई न करे या घटिया भाषा का इस्तेमाल न करे !
देर सबेर तीसरे व्यक्ति को पता चल ही जाता है की आपने क्या कहा
था , और आपने जो बुराई की थी , वह आपको ही बुरा बना सकती है !
इसलिए हमेशा तीसरे व्यक्ति के बारे में बात करते समय उसकी
प्रशंसा करे , उसकी तारीफ करे ! निसंदेह इससे आपका कद और भी
बड़ा होगा !
- कभी भी तारीफ करने का मौका ना छोड़े - दुसरो काउत्साह बढ़ाने के
लिए सकारात्मक भाषा का प्रयोग करे ! कभी भी तारीफ करने का
मौका न छोड़े ! हर मौके पर लोगो की तारीफ करे ! अपनी पत्नी या
अपने पति की हर रोज तारीफ़ करे ! अपने साथ काम करने वालो की
हर रोज तारीफ करे ! अगर सच्ची तारीफ की जाये तो यह सफलता का
औजार बन जाती है ! इसका प्रयोग करे ! इसका प्रयोग बार - बार करे !
लोगो के हुलिए , उनके काम , उनकी उपलब्धियों , उनके परिवार की
तारीफ करे !
- सही तरीके से अपनी योजना प्रस्तुत करे - दुसरो के सामने योजना
प्रस्तुत करते समय सकारात्मक शब्दों का प्रयोग करे ! जब लोग इस
तरह की बात सुनते है - " मै आपको एक अच्छी खबर सुनाना चाहता
हूँ ! हमारे सामने एक सुनहरा अवसर है ...." तो आपके दिमाग में
आशा जाग जाती है ! परन्तु जब वे कोई इस तरह की बात सुनते है "
चाहे आप इसे पसंद करे या न करे , हमें यह काम करना है !" तो
दिमाग की फिल्म बोझिल , बोरिंग हो जाती है , और वे इसी तरह के हो
जाते है ! जीत का दावा करे और उनकी आँखों में चमक आ जाएगी !
जीत का दावा करे और आपको समर्थन हासिल हो जायेगा ! महल
बनाये कब्र ना खोदे !
इस तरह से आप इस तरह की शब्दावली को विकसित करके सफलता
की और बढ़ सकते है !
अगर हमारा यह inspirition thoughts यदि आपके दिल को छुआ हैया
आपको अच्छा लगा है तो हमारा यह छोटा सा प्रयास सफल रहा !
दोस्तों अगर हमारा यह inspirition thought आपको पसंद आया है तो
please इसे share जरुर करे !
धन्यवाद !


No comments:
Post a Comment
thanks for comment